विदेश

होर्मुज से गुजरते जहाज पर हमला, 11 भारतीय घायल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास कमर्शियल जहाज पर हमला, 11 भारतीय घायल। ओमान में इलाज जारी। MEA ने हमले रोकने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की मांग की।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Strait of Hormuz Attack: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमले ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच चिंता बढ़ा दी है। ओमान के तट के पास पनामा के झंडे वाले जहाज MT On Peace (IMO 9893204) को एक प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। घटना में 12 क्रू सदस्य घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय नागरिक हैं।

जहाज पर 17 भारतीय

विदेश मंत्रालय के मुताबिक जहाज पर कुल 19 क्रू सदस्य सवार थे। इनमें 17 भारतीय नागरिक थे। हमले के बाद घायल लोगों को ओमान के अधिकारियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया और खसाब में उनका इलाज कराया जा रहा है। भारत ने इस मदद के लिए ओमानी अधिकारियों का आभार जताया है।

MEA ने जताई चिंता

विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। मंत्रालय ने तत्काल ऐसे हमले रोकने और क्षेत्र में शांति व स्थिरता कायम रखने की अपील की है। भारत ने यह भी कहा कि कमर्शियल जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही और व्यापार को जल्द बहाल करने की जरूरत बताई गई है।

अमेरिकी नाकेबंदी के बीच बढ़ा समुद्री संकट

इस घटना के बीच अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री तनाव भी लगातार बना हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 5 अक्टूबर तक उसकी सेनाओं ने ईरान से जुड़ी नौसैनिक नाकेबंदी लागू करते हुए 130 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदला है। CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा है कि नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश करने वाले जहाजों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जाएगी। ऐसे माहौल में होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। MT On Peace पर हुए हमले की जिम्मेदारी किसकी है, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

ये भी पढ़ें: रूस में प्लेग का खौफ! महिला रिसर्चर की मौत के बाद 200 लोग निगरानी में, टूटी टेस्ट ट्यूब से बढ़ा रहस्य

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »